बिहार के पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि यह महोत्सव केवल उत्सव नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से संपूर्ण विश्व को शांति का संदेश देना है। बोधगया का बुद्ध मंदिर और बोधि वृक्ष पूरी दुनिया के लिए पवित्र है।आगे उन्होंने कहा कि बिहार में तीर्थ स्थलों का जितना विकास होगा आर्थिक पर्यटन बढ़ेगा और बिहार समृद्ध होगा।
ज्ञान की भूमि बोधगया के विश्वदाय महाबोधि मंदिर में जहां विभिन्न देशों के बौद्ध भिक्षुओं ने आकर विश्व शांति के लिए पूजा-पाठ कर रहे हैं,वहीं कालचक्र के विशाल मैदान में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय बौद्ध महोत्सव-2026 को 22/23 एवं 24 जनवरी-2026 को 27 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर बौद्ध महोत्सव को संपन्न किया।
यह महोत्सव बिहार राज्य पर्यटन विभाग तथा स्थानीय बीटीएमसी बुद्धगया टेंपल मैनेजमेंट कमेटि के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित था, जिसमें कंबोडिया, नेपाल, लाओस, श्रीलंका, थाईलैंड आदि 27 देशों के बौद्ध भिक्षु,उपासक व बौद्ध श्रद्धालुओं ने भाग लिया। बौद्ध महोत्सव का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी तथा बीटीएमसी सदस्या डाक्टर कुमुद वर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। महोत्सव के दूसरे दिन निगमा बौद्ध परंपरा के पद्मसंभव महाविहार का उद्घाटन बिहार के महामहिम राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने किया।
बौद्ध महोत्सव के पहले दिन उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने कहा कि जब हम बौद्ध महोत्सव मनाते हैं, तो भारतरत्न और पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को अवश्य याद करते हैं, क्योंकि उन्होंने ही बोधगया को विश्व के मानचित्र पर लाने का प्रयास किया था। इस महोत्सव के माध्यम से हमें नई ऊर्जा के साथ कुछ सीखने का अवसर मिलता है और भगवान बुद्ध के विचारों का अनुसरण करने की जरूरत होती है।
किन्तु,आज भी हम बुद्ध के वास्तविक शिक्षा का अनुसरण नहीं कर पा रहे हैं, जो भगवान बुद्ध ने करुणा, मैत्री और विश्व बंधुत्व का संदेश दिया था। श्री मांझी ने यह भी कहा कि हम सुनते तो हैं, लेकिन भाई-भाई के बीच भी कायम नहीं रख पाते हैं। हम उनके विचारों से भटक गए हैं, अतः मेरा अनुरोध है कि लोग बुद्ध के मार्ग का अनुसरण करें। उन्होंने बाबा साहब भीमराव आंबेडकर का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने कहा था– कि “शिक्षा’ शेरनी का दूध” है। आज हम साक्षरता दर 80 फ़ीसदी के पार तो कर गए हैं, लेकिन ज्ञान के मामले में काफी पीछे हैं।
बिहार के पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि यह महोत्सव केवल उत्सव नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से संपूर्ण विश्व को शांति का संदेश देना है। बोधगया का बुद्ध मंदिर और बोधि वृक्ष पूरी दुनिया के लिए पवित्र है।आगे उन्होंने कहा कि बिहार में तीर्थ स्थलों का जितना विकास होगा आर्थिक पर्यटन बढ़ेगा और बिहार समृद्ध होगा। उन्होंने यह भी बताया कि अयोध्या में राम मंदिर के समान ही पुनौराधाम में माता-सीता का भव्य मंदिर बनना है। इस अवसर पर अतरी विधायक रोमित कुमार, बेलागंज विधायक मनोरमा देवी, विधान पार्षद डॉक्टर कुमुद वर्मा, बीटीएम सदस्य अरविंद सिंह आदि ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।




