गया जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन का 77 वां स्थापना दिवस आजाद पार्क गया के ‘डॉक्टर मंजू करण सभागार’ में बड़े ही धूमधाम से संपन्न हुआ। मगध प्रमंडल के उच्च कोटी के मगही, उर्दू एवं हिंदी के कवि लेखक एवं वरिष्ठ साहित्यकार श्री मुद्रिका सिंह को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए “वागीश्वरी सम्मान-2026” से उन्हें नवाजा गया और उन्हें प्रशस्ति पत्र,मोमेंटम एवं चादर देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर इसके अलावा अन्य साहित्यकारों व काव्य कला में उत्कृष्ट कार्य करने वालों में नवादा जिले से डॉक्टर वीणा मिश्रा एवं ओंकार शर्मा कश्यप, जहानाबाद जिले से दीपक कुमार और चितरंजन कुमार, औरंगाबाद जिला से अलखदेव प्रसाद ‘अचल’ तथा चंद्रशेखर प्रसाद ‘साहू’ एवं अरवल जिला से विनोद उपाध्याय और मणिकांत ‘मणि’ तथा शेखपुरा जिला से विकास कुमार को उन्हें प्रशस्ति पत्र एवं अंग-वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर भव्य समारोह के बीच हिंदी साहित्य सम्मेलन की मुख्य पत्रिका “अंतः सलिला” का लोकार्पण किया गया।
समारोह की शुरुआत सम्मेलन के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ‘सुरेंद्र’,महामंत्री श्री सुमंत, पूर्व प्राचार्य डॉक्टर सच्चिदानंद ‘प्रेमी’, बिहार राज्य आचार्यकुल के मंत्री कमला प्रसाद सिंह, डॉक्टर रामकृष्ण,गुलफान अशर्फी, समाजसेवी लालजी प्रसाद द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
सम्मेलन की स्थापना दिवस के अवसर पर विगत 77 वर्ष पूर्व में स्थापित 1949 ईस्वी से अब तक के इसके विकास में उतार चढ़ाव का एक लंबा इतिहास पेश किया। वहीं साहित्य गोष्ठी के माध्यम से अब तक 604 काव्य संध्याओं के सफल आयोजन से भी सभागार में उपस्थित लोगो को अवगत कराया गया।
सम्मेलन के सभापति सुरेंद्र सिंह सुरेंद्र ने अपने स्वागत उद्बोधन में सम्मेलन में विशिष्ट योगदान देने वाले दिवंगत साहित्यकारों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। यह सम्मेलन स्थापना काल से अबतक साहित्यकारों और कवियों को एक बेहतर मंच प्रदान किया है। उनमें पिछले वर्षों में हंस कुमार तिवारी, डॉक्टर सुरेंद्र चौधरी, मोहनलाल महत़ो वियोगी आदि जैसे कवि और उद्भट विद्वान शामिल हैं।
संगठन के महामंत्री सह मगही भाषा के पुरोधा एवं विद्वान प्रसिद्ध कवि और साहित्यकार श्री सुमंत ने गया जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन का द्वि वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। साथ ही उन्होंने अबतक के सम्मेलन के लाभ का बजट भी पेश किया, जिसे सभागार में उपस्थित लोगों ने ध्वनी मत से इसे स्वीकार किया और बधाइयां दी।
इस मौके पर साहित्यकार डॉ.राकेश कुमार सिंह ‘रवि’, खालिक हुसैन ‘परदेसी,’ कुमार कांत, पप्पू तरुण, अरुण हरलीवाल, डॉक्टर शत्रुघन दांगी, उपेंद्र सिंह,राजेश कुमार, नंदकिशोर सिंह, डॉक्टर रश्मि प्रियदर्शन, डॉ प्रकाश गुप्ता, जयप्रकाश, मंजू बाला, विजय शर्मा आदि प्रसिद्ध कवि, साहित्यकार और गणमान्य लोगों से सुसज्जित नवनिर्मित भवन का सभागार खचाखच भरा था।




