
कर्ज लेकर पिंडदान, तर्पण व श्राद्ध कार्यक्रम संपन्न करना वर्जित है
हिंदू धर्म शास्त्र के अनुसार, जीवित बड़ा पुत्र अथवा बड़ा भाई के रहते छोटे पुत्र या छोटे भाई को अपने पूर्वजों का पिंडदान करना वर्जित है। वहीं अगर परिवार में कोई पुरुष सदस्य जीवित नहीं है, तो कोई महिला अपने पुरुषों का पिंडदान कर सकती है।










