
बोधगया में आयोजित ऐतिहासिक बौद्ध महोत्सव में एक ओर जहां स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया,वही अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को वैश्विक रंग प्रदान किया। लाओस के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक संस्कृति पर आधारित प्रस्तुति दी और अपनी सभ्यता से दर्शकों को रूबरू करवाया, वहीं श्रीलंका से आए नौ कलाकारों के समूह ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर लोगों का दिल जीत लिया।
बालीवुड के प्रसिद्ध पार्श्वगायक रूप कुमार राठौर एवं सोनाली राठौर को मंच पर आते ही दर्शकों ने उन्हें तालियां बजाकर खुशी का इजहार किया और स्वागत किया। जब रूप कुमार राठौर ने “तेरे लिए तेरे लिए, जिंदगी मौत ना बन जाए, संभालो यारो ” एक तरफ प्यार है, चाहत है, वफादारी है, एक तरफ देश में धोखा है, गद्दारी है ” की तराने छेड़ी तो दर्शक काफी प्रभावित हुए और इस भावनात्मक एवं देश भक्ति की प्रस्तुति से लोग भावुक हो उठे।
इस बौद्ध महोत्सव को सुरक्षा प्रदान करने के लिए कई कंपनियां बुलाई गई थी। कार्यक्रम को सुरक्षा प्रधान करने में पुलिसकर्मी तैनात भी थे और आनंद लेते नजर आए। किंतु, प्रशासनिक व्यवस्था इस वर्ष की ऐसी रही कि यह बौद्ध महोत्सव प्रशासनिक व्यवस्था तक ही सीमित मानी गई ।
क्योंकि इस वर्ष के आयोजन में दर्शक दीर्घा काफी खाली रहे। क्योंकि बुद्ध गया टेंपल मैनेजमेंट कमेटी की ओर से दिए गए पास की मान्यता को भी सुरक्षा कर्मियों ने ठुकरा दिया और उन्हें भीतर जाने नहीं दिया। अन्य पास वाले को भी सुरक्षा कर्मियों ने प्रवेश में जाने से रोक दिया, जिससे आमजन की कुर्सियां तथा वीआईपी कुर्सियां भी काफी खाली रही। वीआईपी कुर्सियां प्रशासनिक अधिकारियों व उनके परिवार से भरे अवश्य रहे, जो आम लोगों के बीच काफी खटकता नजर आया।




