दक्षिण बिहार के अभिशप्त क्षेत्रों में जगी विकास की उम्मीद
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दक्षिण बिहार के अति पिछड़ा बने अभिशप्त क्षेत्र डुमरिया, इमामगंज और बांके बाजार अंचलों में अब भारत सरकार और बिहार सरकार के संयुक्त प्रयास से विकास की किरणें जगी है। इतिहासकार एवं बौद्ध विद्वान डॉक्टर शत्रुघन दांगी द्वारा दिल्ली स्थित वरीय सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता जे.के. भेलौरिया के माध्यम से इस क्षेत्र के समस्याओं से संबंधित भेजे गए विकास हेतु योजनाओं का भारत सरकार तथा बिहार सरकार ने प्राथमिकता देते हुए इसे यथाशीघ्र कार्यान्वयन करने का आश्वासन दिया है। साथ ही अन्य कई विकास से संबंधित योजनाओं को कार्य रूप भी दिया जा चुका है। जिसमें फिलहाल इस क्षेत्र में सड़कों का जाल का बीछना उल्लेखनीय है। अन्य विकास की योजनाएँ जो लंबित हैं, उस पर सरकार शीघ्र कदम उठाने जा रही है ।
भारत सरकार के सोशल जस्टिस एंड एंपावरमेंट मंत्रालय द्वारा बिहार सरकार के प्रमुख सचिव शिक्षा विभाग, विकास भवन, नया सचिवालय,पटना को दिनांक 3 दिसंबर 2021 को दिए गए मांग के आलोक में डुमरिया के प्रत्येक पंचायत में पुस्तकालय सहित माध्यमिक उच्च विद्यालय की स्थापना करना है। वहीं भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय को भेजे गए 25 नवंबर 2021 को भजे पत्र के आलोक में इमामगंज के कोकिलखाप में ष्स्पोर्ट्स डिग्री कॉलेज एवं रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटरष् खोले जाने की मांग शामिल है।
भारत सरकार के एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म एंड पब्लिक ग्रीवांस नोडल एजेंसी, सरदार पटेल भवन, नई दिल्ली के माध्यम से बांके बाजार के डुमरी में ष्राष्ट्रीय फिल्म एंड टेलिविजन इंस्टीट्यूटष् की स्थापना करने की मांग भी शामिल है, जिससे कि यहां के दक्ष कलाकारों को सीखने-सीखाने तथा प्रदर्शन करने का अवसर मिल सके। इससे रोजगार का सृजन भी हो सकेगा।
इस क्षेत्र के शिक्षा ग्रहण करने के लिए यहां के छात्र-छात्राओं को 70 किलोमीटर दूर शेरघाटी तथा 100 किलोमीटर दूर गया जाना पड़ता है, जो इस क्षेत्र के गरीब छात्र-छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा ग्रहण करना एक स्वप्न सा बन जाता है परिणाम स्वरूप वे नक्सली धारा में बह जाते हैं। इस कारण डुमरिया में एक डिग्री कॉलेज खोलने की मांग दी गई है, ताकि यहां के छात्र छात्राओं को सुविधा मिल सके। भारत सरकार के ष्एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म एंड पब्लिक ग्रीवांस नोडल एजेंसीष् सरदार पटेल भवन, नई दिल्ली के माध्यम से बांके बाजार के डुमरी नामक स्थान में ष्राष्ट्रीय फिल्म एंड टेलिविजन इंस्टीट्यूटष् की स्थापना करने की मांग की गई है, जिससे कि यहां के दक्ष कलाकार व लड़के-लड़कियों को कला सीखने तथा प्रदर्शन करने का अवसर मिल सकेगा।
इस क्षेत्र में छात्र- छात्राओं को मुख्य शिक्षा ग्रहण करने के लिए 70 किलोमीटर दूर शेरघाटी तथा एक 100 किलोमीटर दूर गया जाना पड़ता है, जो गरीब छात्र-छात्राओं के लिए असंभव है। वे उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं और नक्सली धारा में बहने को मजबूर हो जाते हैं।इस कारण यहां डूमरिया में एक डिग्री कॉलेज की आवश्यकता है, जिसकी मांग बिहार सरकार से की गई है।
भारत सरकार के एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म एंड पब्लिक ग्रीवांसेज नोडल एजेंसी को बीते माह भेजे पत्र में चूंकि यह क्षेत्र में बुद्ध और बुद्ध से जुड़ी बहुत सारी धरोहरें यहां मौजूद हैं, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से यहां पर्यटक आ सकेंगे। इसलिए भगवान बुद्ध के नाम पर यहां एक टेक्निकल यूनिवर्सिटी, डुमरियाष् में हॉस्टल सहित खोलने की मांग की गई है, ताकि लोग बौद्ध अध्ययन के साथ-साथ साधारण टेक्निकल डिग्री भी प्राप्त कर सकें। डुमरिया में ही संस्कृति मंत्रालय बिहार सरकार से एक ष्नेशनल- म्यूजियमष्खोलने की मांग की गई है,जिससे कि इन क्षेत्रों में बिखरे पडे़ महत्वपूर्ण पुरातात्विक मूर्तियों, मृदभांडों तथा अन्य अवशषों को सुरक्षित एवं संरक्षित कर पर्यटकों के लिये आकर्षण का केन्द्र बनाया जा सके।