Thursday, April 16, 2026
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विश्व शांति संदेश के साथ बोधगया में 2568वीं बुद्ध जयंती समारोह संपन्न

बिहार के राज्यपाल महामहिम विश्वनाथ राजेंद्र आर्लेकर और सम्मानित अतिथि थाईलैंड के काउंसिल जनरल सिरीपोर्न तांतिया थेपा द्वारा बुद्ध मूर्ति के सामने धम्मदीप प्रज्वलित कर समारोह की शुरुआत की गई। इस अवसर पर बीटीएमसी के अध्यक्ष सह जिलाधिकारी डॉक्टर त्यागराजन एसएम ने देश-विदेश से आए सभी बौद्ध भिक्षुओं,उपासकों एवं श्रद्धालुओं का स्वागत किया। उन्होंने अपने स्वागत भाषण में विशेष कर थाईलैंड, श्रीलंका, म्यांमार, वियतनाम, जापान आदि देशों से आये बौद्ध श्रद्धालुओं के प्रति विशेष आभार प्रकट किया।

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बुद्ध जयंती के पावन अवसर पर थाईलैंड की गोल्डन लाइट से नहाती हुई अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर में तथागत की 2568 वीं जयंती समारोह श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में बिहार के राज्यपाल विश्वनाथ राजेंद्र आर्लेकर तथा सम्मानित अतिथि के रूप में थाईलैंड की काउंसिल जनरल सिरीपॉर्न तांतियाथेप ने भाग लिया। जयंती समारोह का आयोजन “बुद्धगया टेंपल मैनेजमेंट कमेटी” की देखरेख में की गई।

यह आयोजन बोधगया मंदिर के पीछे बोधिवृक्ष की छांव तले संपन्न हुई, जिसमें देश-विदेश से आए बौद्धभिक्षु,श्रामनेर,उपासक एवं बौद्ध श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर ध्यान लगाकर बैठे। वहीं बीटीएमसी के सचिव श्वेता महारथी के नेतृत्व में 80 फीट मूर्ति से शोभा यात्रा विद्यालय के छात्रों द्वारा बुद्धम् शरणम् गच्छामि के नारों और बुद्ध उपदेशों को तख्ती में लगाये मुख्य सड़क से होते हुए मंदिर परिसर में एकत्रित हुए। बाद थेरवाद और महायान परंपरा से बुद्ध वंदना व सूत्तपाठ जापान, वियतनाम, श्रीलंका आदि देशों के बौद्ध भिक्षुओं द्वारा किया गया,जिससे पूरा परिसर बौद्धमय हो गया।

इसके बाद बिहार के राज्यपाल महामहिम विश्वनाथ राजेंद्र आर्लेकर और सम्मानित अतिथि थाईलैंड के काउंसिल जनरल सिरीपोर्न तांतिया थेपा द्वारा बुद्ध मूर्ति के सामने धम्मदीप प्रज्वलित कर समारोह की शुरुआत की गई। इस अवसर पर बीटीएमसी के अध्यक्ष सह जिलाधिकारी डॉक्टर त्यागराजन एसएम ने देश-विदेश से आए सभी बौद्ध भिक्षुओं,उपासकों एवं श्रद्धालुओं का स्वागत किया। उन्होंने अपने स्वागत भाषण में विशेष कर थाईलैंड, श्रीलंका, म्यांमार, वियतनाम, जापान आदि देशों से आये बौद्ध श्रद्धालुओं के प्रति विशेष आभार प्रकट किया।

इंटरनेशनल संस्था ‘महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया’ के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. कैलाश प्रसाद (मंच संचालक) द्वारा आग्रह किए जाने पर राज्यपाल महामहिम ने आज के दिन को विश्व में अति पवित्र बताते हुए कहा कि भारत से जो भी विचार बाहर के देशों में गए हैं, उस विचार को आज पूरी दुनिया को अपनाने का समय आ गया है। भगवान बुद्ध का विचार करुणा, श्रद्धा, प्रेम और शांति का संदेश था।

भगवान बुद्ध ने यहां पर हजारों वर्षों के परंपरागत विश्वास और श्रद्धा को नए ढंग से अपने विचारों और आचरण के माध्यम से सबके सामने रखा । भारत ने दुनिया को “युद्ध” नहीं बल्कि “बुद्ध” दिया। बुद्ध का शांति संदेश विश्व को भारत ने ही दिया। उन्होंने कहा कि भारत के लोग जहां भी गए, अपने साथ ‘शस्त्र’ नहीं बल्कि ‘शास्त्र’ लेकर गए। आज भी लोग बुद्ध की शिक्षाओं का ही प्रचार-प्रसार विश्व में करते हैं,जिसमें शांति, प्रेम और करुणा का संदेश होता है।

इस समय विश्व में अशांति का माहौल फैला हुआ है। बुद्ध के बताये मार्ग शांति, करुणा, श्रद्धा और प्रेम को अपना कर ही विश्व में शांति स्थापित हो सकती है। उन्होंने कहा कि भारत की जो हजारों वर्षों की परंपरा और विश्वास थी, उसे भगवान बुद्ध ने अपने आचरण से नए ढंग और तरीके से दुनिया के सामने रखा।

बुद्ध की “अस्थि” व “संदेशों” को लेकर थाईलैंड के लोगों के बीच जब मुझे प्रधानमंत्री द्वारा भेजा गया, तब मैं अपने को बड़ा सौभाग्यशाली समझा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मुझे ही वहां भेजा, तो वहां थाईलैंड के प्रधानमंत्री तथा सभी अधिकारीगण और लोगो की भारी भीड.हवाई अड्डे पर उमड़ पड़ी। लोग “अस्थिकलश” को देखकर अश्रुपूरित हो गए और उन्हें लगा कि हमारे बीच साक्षात् भगवान बुद्ध थाईलैंड पधारे हैं। वह क्षण अति रोमांचक और अविस्मरणीय था।

इस अवसर पर गया के डीएम सह बीटीएमसी अध्यक्ष डा. त्यागराजन ने महाबोधि मंदिर परिसर में किए गये विकास कार्यों तथा श्रद्धालुओं के लिए बढ़ाई गई सुविधाओं से लोगों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि काफी तीव्रता से बीटीएमसी का विकास हुआ है। सौंदर्यीकरण का कार्य बड़े पैमाने पर हुआ है और बीटीएमसी के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन भी हुआ है, जिसमें सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 180 मेगावाट पावर क्षमता वाला सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित की गई है। इतना नहीं महाबोधि मंदिर में चढ़ने वाले भारी मात्रा में फूलों की रीसाइक्लिंग कर अगरबत्ती तथा अन्य सुगंधित प्रोडक्ट तैयार करने के लिए एक कंपनी को भी स्थापित किया गया है।

समारोह में विशेष रूप से भाग लेने वालों में आईबीसी बोधगया के अध्यक्ष वेन एन तेंजिंग, आल इंडिया भिक्षु संघ के महासचिव प्रज्ञा दीप, म्यांमार से आए ज्योतिकाधजा, थाईलैंड प्रतिनीधि आदि भी इस अवसर पर बुद्ध जयंती के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बुद्ध पूर्णिमा और बुद्ध के जीवनसे शिक्षा ग्रहण करने की विशेष बातें कही। झारखंड के हरनाम सिंह नामधारी ने भी अपनी बातें रखी।

बुद्ध जयंती समारोह के इस अवसर पर सुबह में प्रभातफेरी के साथ आकर्षक झांकी प्रस्तुति के लिए राज्यपाल ने सर्वश्रेष्ठ प्रथम पुरस्कार झांकी के लिए वियतनाम मंदिर को, दूसरा रायल थाई मंदिर को और तीसरा म्यामार बर्मी मंदिर को दिया गया। बीटीएमसी की सचिव डॉक्टर महाश्वेता महारथी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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