निजामुद्दीन मरकज तबलीगी जमात में 15 देशों के लोग शामिल हुए थे
दिल्ली स्थित निजामुद्दीन मरकज तबलीगी जमात के द्वारा दो दिनी कार्यक्रम में करीब 2300 लोगों के शामिल होने पर दिल्ली में हड़कंप मच गई है। एक तरफ कोरोना से निपटने के लिए केन्द्र एवं राज्यों के सघन अभियान चल रहे हैं। एक साथ चार-पाच लोगों के मिलने पर सख्त पाबंदी लगाई गई है। सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष रखा जा रहा है। वही दूसरी तरफ हाल ही में निजामुद्दीन मरकज तबलीगी जमात में 15 देशों के लोग शामिल हुए थे।
जमात में शामिल हुए लोगों में अब तक 10 की मौत हो चुकी है और अब तक जांच में 24 लोग कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं। प्रशासन ने फौरी तौर पर इलाके को घेर लिया है और मरकज में शामिल करीब 1000 लोगों को कोरेंटाइन के लिए अलग रखा गया है। कहा जा रहा है कि इस जमात में यूपी के 19 जिलों के लोग शामिल हुए थे। जांच का दायरे जैसे-जैसे बढ़ रहा है नये-नये खुलासे हो रहे हैं। कोरोना वायरस के कारण पूरे देश में लॉकडाउन है। वहीं निजामुद्दीन में इतनी बड़ी जमात के शामिल होने और कई दिनों तक एक ही जगह रहने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विदित हो कि फरवरी में हुए दंगे के बाद दिल्ली के कई हिस्सों में अब भी धारा 144 लागू है। इस दौरान दिल्ली प्रशासन ने दिल्ली में किसी तरह के धार्मिक पर रोक लगा दी है। दिल्ली में कई जगहों पर आयोजित किये जाने वाले होली मिलन समारोह को भी रद्द कर दिया गया था क्योंकि प्रशासन से मंजूरी नहीं मिली थी। दिल्ली एवं केन्द्र द्वारा शासनिक-प्रशासनिक स्तर पर आयोजित होने वाले होली मिलन समारोह को रद्द कर दिया गया । ऐसी स्थिति में दिल्ली में निजामुद्दीन मरकज के आयोजन से शासन-प्रशासन भी कटघरे में है।
बता दें कि तबलीगी जमात की खबर मीडिया में आने से पहले ही लॉकडाउन के दौरान देश के कई मस्जिदों से विदेशी मुसलमान पकड़े गये हैं। आस-पास के लोगों को शक होने पर नजदीकी प्रशासन को खबर दी गई थी। स्थानीय पुलिस ने उन विदेशी मुसलमानों को गिरफ्तार कर लिया है। अब सरकार उन सबका निजामुद्दीन मरकज तबलीगी जमात से कनेक्शन ढूढ रही है।
सवाल है कि देश जब घोर संकट के दौर से गुजर रहा है, तब ये हजारों की संख्या में शामिल होकर क्या कर रहे हैं। शासन-प्रशासन द्वारा बार-बार दिशा निर्देश जारी किये जा रहे हैं कि कोरोना वायरस को हराने के लिए लोग एक दूसरे से नहीं मिले और घरों में ही रहें। लेकिन शासन प्रशासन की अपीलों और गाइडलाइन को धत्ता बताते हुए कई मौलाना तो ऑन रिकॉर्ड कह रहें हैं कि कोरोना मुसलमानों को नहीं होगा। इस संदर्भ में वायरल एक ऑडियो जो तबलीगी जमात के प्रमुख मौलाना शाद का बताया जा रहा है। वायरल ऑडियो में कहा जा रहा है कि किसी भी हाल में मस्जिद को बंद नहीं की जानी चाहिए। अगर वहां कोरोना से मौत भी आ जाये तो इससे अच्छी जगह कहीं और नहीं हो सकती। जो कुछ भी हो रहा है अल्लाह की मर्जी से हो रहा है। अगर मौत भी होगी तो अल्लाह की मर्जी से।
कोरोना वायरस को ये जमात बहुत ही हल्के में लेकर देश को संकट में डाल दिया है। तबलीगी जमात में शामिल होने वाले अब तक कितने लोगों से मिल चुके होंगे, इसकी पुख्ता जानकारी किसी के पास नहीं है। दिल्ली सरकार ने तबलीगी जमात के आयोजक के खिलाफ एफआईआर करने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि तबलीगी जमात ने नियमों का घोर उल्लंघन किया है। इसके साथ ही अगर इसमें किसी प्रशासनिक अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उनपर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अब जबकि, इस जमाती आयोजक पर केस दर्ज हो गये है तो निजामुद्दीन मरकज के समर्थन में भी कुछ लोग खड़े हो गये हैं और इस मामले को धार्मिक रंग में रंगा जाने लगा है।
मरकज पर एफआईआर के बाद इसपर सियासत तेज हो गई है। खबर है कि जेएनयू का वामपंथी छात्र संगठन निजामुद्दीन मरकज के खिलाफ दर्ज किये गये एफआईआर को रद्द करवाने पर अड़ा है। तबलीगी जमात का आयोजक मौलाना शाद फरार है और उसे पकड़ने के लिए जगह-जगह पर तलाश की जा रही है। प्रशासन ने मौलाना शाद को पकड़ने के लिए अलग-अलग कई टीम गठित कर सर्च अभियान तेेज कर दी गई है। इस मामले को क्राइम ब्रांच हैंडिल कर रहा है जिसे देखकर लिबरल और सेक्युलर गैंग इसे मजहबी और सियासी जामा पहनाने मेें जुट गये हैं।
दिल्ली में लॉकडाउन को विफल करने का कुत्सित प्रयास करने वाला कथित गैंग पुनः एक्टिव हो चुका है और अजीब-अजीब दलील दे रहा है। कुछ का कहना है कि तबलीगी जमाती को एयरपोर्ट पर क्यों नहीं चेक किया गया। तो वैसे लोगों को यह जानना जरूरी कि किसी देश में जाने पर सिर्फ पासपोर्ट चेक किया जाता है और यात्रियों की सुरक्षा एवं प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए यह बताना जरूरी नहीं होता कि वह फलां देश में क्या करने जा रहा है और वहा कहां ठहरेगा।
जबकि, तबलीगी जमात फाउंडेशन का देश-दुनिया में इतना बड़ा नेक्सस है कि पहले से ही तय हो जाता है कि, विदेश से आया तबलीगी जमाती कब-कहा ठहरेगा और अपनी तयशुदा दौरे के दौरान किस-किस मस्जिद में शिरकत करेगा।
मरकज तबलीगी जमाती के कोरोना से ग्रसित होने के बाद दिल्ली एवं यूपी के कई मस्जिदों में छापेमारी की जा रही है। मेरठ, बरेली, बिजनौर, लखनउ, अलीगढ़, शहारनपुर सहित यूपी के कई जिलो में छापेमारी की जा रही है। खबर है कि यूपी में अलग-अलग जगहों से अब तक 50 से ज्यादा तबलीगी जमाती पकड़े जा चुके हैं जो निजामुद्दीन मरकज में शामिल हुए थे, जिनमें 19 विदेशी हैं।
इस मरकज में देश के 21 राज्यों से शामिल होने आये जमातियों की खोजबीन शुरू हो गई है। देश के कुछ बुद्धिजीवियों ने उन जमातियों से अपील की है कि आप तक पुलिस पहुंचे इससे पहले आप खुद सामने आकर कोरोना जांच में सहयोग कीजिए। क्योंकि यह स्पष्ट हो चुका है कि निजामुद्दीन मरकज में शामिल 10 जमातियों की कोरोना से मौत हो चुकी है और सैंकड़ों संदिग्ध हैं। इसलिए मरकज के जमातियों देश को मरघट की ओर मत ले जाओ।




